एक बड़ी कंपनी में अप्रेजल करने वाले मेरे एक मित्र ने बताया है कि अप्रेजल कैसे किया जाता है। भड़ास के पाठकों के लिए मैं अपने मित्र की अनुमति से उसका हिन्दी अनुवाद यहां पेश कर रहा हूं। कृपया मेरे मित्र, उसकी कंपनी या ऐसी कोई जानकारी मुझसे प्राप्त करने की कोशिश न करें जिससे कंपनी या साथी की पहचान मालूम हो सके।
सचिन तेंदुलकर का मूल्यांकन इस तरह किया जाएगा (अगर वे नौकरी कर रहे होते तो)
200 रन / 147 गेन्द / 25 X 4 / 3 X 6
ठीक है अच्छी बल्लेबाजी की है लेकिन .. लेकिन .. लेकिन
25 x 4 (चौके) = 100
3 x 6 (छक्के) = 18
इसका मतलब हुआ कि आपने 28 गेन्द से 118 रन बनाए। बहुत अच्छा।
और 12 गेन्द पर 2 रन बनाए = 24
58 गेन्द पर 1 रन बनाए = 58
इसका मतलब हुआ 82 रन 70 गेन्द पर । बुरा नहीं है .... (?)
इसका यह भी मतलब है कि आपने सभी 200 रन सिर्फ 98 बॉल में ही बना लिए।
और सुधार की गुंजाइश यहीं पर है ...
साफ है कि आपने 147-98 = 49 गेन्द बेकार जाने दिए। यह बड़ी नाकामी है। आप जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी से ऐसी अपेक्षा नहीं की जाती है।
अगर हम यह मान लें कि इन बेकार गए गेन्द में से प्रत्येक पर आप 1 रन भी बनाते तो आप अपनी टीम के लिए 49 बहुमूल्य रन बनाते।
अप्रेजल करने वाले की टिप्पणी : आपने अपेक्षाएं पूरी की हैं उससे बेहतर नहीं किया है। (यह अलग बात है कि टीम में कोई और ऐसा नहीं कर पाया)
इसलिए आपका ग्रेड सी है और आपको औसत से कम का अप्रेजल मिलेगा।
सचिन के लिए अप्रेजल करने वालों की ट्रेनिंग योजना सीखिए कि प्रत्येक बॉल पर कम से कम एक रन कैसे बनाएं। (चौके, छक्के भूल जाइए, शायद) ऐसे ही होता है अप्रेजल। कर लो जो करना है।
लेखक संजय कुमार सिंह जनसत्ता में लंबे समय तक कार्यरत रहे. इन दिनों अनुवाद का काम संगठित तरीके से कर रहे हैं.

written by rafat, March 07, 2010
written by RAJEEV MISHRA, March 06, 2010
media mein to aisa appraisal nahi hota , yahan to bahut sare rakt pipasu baithe hain. jo landooron ko kuch jayada hi honour de dete hain.
| < Prev | Next > |
|---|








